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queenn

यूं बादलों में खो के,
वो मुझे धूप की तरह खोजा करता है
अक्सर वो खामोशी में ही सब कुछ कहा करता है…

वो झूठ बोले या सच कह जाए,
पर आंखों का दर्द
हर किसी के समझ ना आए…

एक राज़ उसके दिल में,
बरसों से दफन रहता है
अक्सर वो खामोशी में ही सब कुछ कहता है…

वो चुप हो या खामोश,
इस बात का फर्क हर किसी को कहां दिखाई देता है?
बातों में लफ्जों का पहरा है ,ये सबको कहां सुनाई देता है?

शांत मन से सुनो एक बार,
वो तुमसे चीख चीख के,
हर बात जो कहता है…

उसकी बातों में असलियत का जो आईना रहता है,
वो अपने दिल की हर एक बात खामोशी में ही कहता है

- Queenn 👑

3 Comments

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r

Hey! Pretty nice poetry!

Thank you ✨✨

r

My pleasure dear. How are you doing?